जूम कॉल के जरिए सिंगापुर में एक आदमी को दी गई मौत की सजा

जूम कॉल के जरिए दी गई मौत की सजा

सिंगापुर में एक न्यायाधीश ने हेरोइन के लेन-देन के जुर्म में एक व्यक्ति को ज़ूम वीडियो-कॉल के जरिए मौत की सजा सुनाई है, यह पहली दफा ऐसा हुआ है की एक मृत्युदंड का फैसला दूर से दिया गया है।

बताया जाता है की, अधिकार समूहों ने इस फैसले के लिए वीडियो-कॉल के इस्तेमाल का सुझाव दिया। प्रवक्ता ने भी कहा कि आज तक यह पहला आपराधिक मामला था, जिसमें सिंगापुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौत की सजा सुनाई गई।

मलेशियाई 37 वर्षीय पुनीत गेनसन को शुक्रवार को बताया गया कि उन्हें 2011 की एक ड्रग डील के लिए फांसी दी जाएगी।

सिंगापुर के सुप्रीम कोर्ट के एक प्रवक्ता ने कहा, “कार्यवाही में शामिल सभी की सुरक्षा के लिए, सरकारी वकीलोने वी पुनीथन ए / एल गेनसन की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा की गई थी।”

इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में न्यायाधीश को स्पष्ट रूप से सुना जा सकता है और फैसले के तहत कोई अन्य कानूनी तर्क प्रस्तुत नहीं किए गए थे। हालांकि,उनका कहनायह है की, उनके मुवक्किल फैसले के खिलाफ अपील पर विचार कर रहे हैं।

कैलिफोर्निया स्थित टेक फर्म जूम ने सिंगापुर में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से की गई टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। यही नहीं, अटॉर्नी जनरल के चेम्बर्स के सरकारी वकीलोने भी तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।

सिंगापुर में कई अदालतों की सुनवाई लॉकडाउन अवधि के दौरान स्थगित कर दी गई है जो अप्रैल की शुरुआत में शुरू हुई थी और 1 जून तक चलने वाली है, जबकि जरूरी मामलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए रखा गया है।

राइट्स ग्रुप्स का कहना है कि सिंगापुर में अवैध ड्रग्स के लिए जीरो-टॉलरेंस की नीति अपने गई है और सैकड़ों लोगों को फांसी दी जा चुकी है, जिनमें दर्जनों विदेशी भी शामिल हैं।

ह्यूमन राइट्स वॉच के उपनिर्देशक, फिल रॉबर्ट्सन ने कहा, “सिंगापुर में मौत की सजा का उपयोग स्वाभाविक रूप से क्रूर और अमानवीय है, और ज़ूम टू रिमोट तकनीक का उपयोग एक आदमी को मौत की सजा देने के लिए इसे और भी ज्यादा  बनाता है।”

वही एमनेस्टी इंटरनेशनल के मृत्युदंड के सलाहकार चियारा सांगियोर्जियो ने कहा: “मौत की सजा हमेशा क्रूर और अमानवीय होती है, चाहे वो जूम के माध्यम से हो या फिर कोई व्यक्ति माध्यम से हो।

यह घटना याद दिलाती है कि covid -19 जैसी परिस्थिति में भी मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किसीको माफ़ी नहीं दी जाएगी।

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