URL क्या है – What is URL in Hindi-URL Full Form in Hindi 2021

URL क्या है – What is URL in Hindi-URL Full Form in Hindi 2021

आज हम URL के बारे में देखने वाले URL क्या है और वह काम कैसे करता है इसी के बारे में आज हम  baat karenge.तो चलिए फिर शुरू करते हैं क्या आपको पता है कि URL क्या है और कैसे काम करता है अगर आप INTERNET पर नए हैं तब आपको यह शब्द URL बहुत ही कंफ्यूजन लगा होगा इसके बारे में आप नहीं शायद कई बार यहां वहां सुना होगा लेकिन आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होगी URL का FULL FORM होता है Uniform Resource Locator यह एक फॉर्मेटेड टेक्स्ट रिंग्स है जिससे कि वेब ब्राउजर ईमेल क्लाइंट या किसी अन्य सॉफ्टवेयर में इस्तेमाल किया जाता है किसी नेटवर्क रिसोर्स को ढूंढने के लिए नेटवर्क रिसोर्स कोई भी फाइल सो सकती है जैसे कि WEB PAGES टैक्स DOCUMENT ग्राफिक्स अप्रैल के तीन भागों का एड्रेस और LOCATION करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इस प्रकार होता है…URL क्या है – What is URL in Hindi-URL Full Form in Hindi 2021

  • URL FULL FORM –Uniform Resource Locator
  • What is URL example?

For the URL http://example.com , the protocol identifier is http . Resource name: For the URL http://example.com , the resource name is example.com,

URL क्या है – What is URL in Hindi-URL Full Form in Hindi 2021

URL Ki Jankari Hindi Me

यह एक फॉर्मेटेड टेक्स्ट रिंग्स है जिससे कि वे ब्राउज़र ईमेल क्लाइंट या किसी अन्य सॉफ्टवेयर में इस्तेमाल किया जाता है किसी नेटवर्क रिसोर्स को ढूंढने के लिए नेटवर्क रिसोर्स कोई भी फाइल हो सकती है जैसे कि वह पेजस टैक्स डाक्यूमेंट्स ग्राफिक्स प्रोग्राम किसी भी यूआरएल के तीन भाग होते फर्स्ट प्रोटोकॉल डेफिनेशन सेकंड हाउस नेम और एड्रेस थर्ड ए फाइल और रिसोर्स लोकेशन इन सब की अलग करने के लिए स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल किया जाता है किया जाता है. URL क्या है – What is URL in Hindi-URL Full Form in Hindi 2021जिसका फॉर्मेट कुछ इस प्रकार होता है अभी यू आर प्रोटोकॉल सेटिंग के बारे में देखते इस प्रकार के प्रोटोकॉल नेटवर्क नेटवर्क प्रोटोकोल को डिफाइन करते हैं जिससे किसी नेटवर्क को आसानी से किया जा सके या छोटे नाम के होते स्पेशल कैरेक्टर होते हैं यह एक टिपिकल नेम कन्वर्शन कन्वर्सेशन है जोकि प्रोटोकॉल डेफिनेशन को नोटिस का इस्तेमाल होता है वह है जैसे एचटीटीपी यदि यूआरएल हो सब ठीक हो सब सिंह के मदद से किसी एंड डिस्क्रिमिनेशन कंप्यूटर या नेटवर्क डिवाइस को आईडेंटिफायर किया जा सकता है ऑस्ट्रेंडर इंटरनेट डाटा वैसे ही आते हैं जैसे कि डीएनए और जिसे हम आईपी ऐड्रेस के नाम से भी जानते हैं कई वेबसाइट के वहां हॉर्स नेम सिर्फ एक सिंगल कंप्यूटर को नहीं दर्शाता है बल्कि ए वेब सर्वर के समूह और दर्शकों को दर्शाता है लोकेशन लोकेशन स्पेशल नेटवर्क के रास्ते को दर्शाता है जोकि मौजूद होती है..

Url कैसे काम करता हैं (How URL Works)

अभी हम यूआरएल कैसे काम करते हैं देखते यूआरएल को कुछ इस प्रकार से डिजाइन किया गया है जिस जिससे कि लोगों को उस उसे याद रखने में आसानी हो लेकिन कंप्यूटर को सही वेबसाइट को पहचानने में इंफॉर्मेशन चाहिए जिससे कि वह बड़ी आसानी से सही वेबसाइट को पता लगा सके हमारा ब्राउज़र किसी वेबपेज को ढूंढने के लिए उस उसके आईपी का इस्तेमाल करता है आईपी जिसे हम इंटरनेट प्रोटोकोल के नाम से भी जानते हैं .

Url ka history in hindi (URL History in Hindi)

अभी हम ए URL के हिस्ट्री के बारे में देखते हैं Uniform Resource Locator के बारे में सबसे पहले टीम बर्नर्स ली ने ही इस टेक्नोलॉजी को दुनिया के सामने लाए जिन्होंने सबसे पहली बार यह आइडिया सबके सामने लाए कि ऐसा ऑर्गेनाइजेशन को जो सभी web page इसको यूनिट location एड्रेस प्रधान एड्रेस प्रदान करता है जिससे कि उन्हें आसानी से online में खोजा जा सके एचटीएमएल को बनाने के बाद स्टैंडर्ड लैंग्वेज को इस्तेमाल करके वर्ल्ड वाइड वेब में बहुत सारे पेजेस बनाया गया.और उसके साथ हाइपरलिंक्स उसके बाद उन दोनों को आपस में जोड़ दिया गया. जिससे कि INTERNET दिन भी दिन और भी बढ़ता गया यही है URL आज के लिए बस इतना ही दोस्तों .

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